सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 112 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण

गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद से ही यदि तत्कालीन सरकारों ने विकास की ओर ध्यान दिया होता तो आज देश व प्रदेश की सूरत ही कुछ और होती लेकिन उनकी सोच ही सकारात्मक नहीं थी। चूंकि सकारात्मक सोच की अभिव्यक्ति से ही विकास का ढांचा खड़ा होता है, इसलिए विकास का मार्ग ही अवरुद्ध हो गया। केंद्र में जब भाजपा की सरकार अंतिम व्यक्ति तक लाभ देने के संकल्प के साथ सत्ता में आई तो विकास की जो गंगा बही, वह धरातल पर साफ तौर पर दिखने लगा है। 
मुख्यमंत्री शुक्रवार को गोरखपुर में 112 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करने के बाद रामगढ़ ताल के सामने नुमाईश ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने साजिश के तौर गोरखपुर की तमाम विकास योजनाओं पर विराम लगा दिया गया था। सैकड़ोंं लोगों को रोजगार देने वाली फर्टिलाइजर फैक्ट्री बंद हो गई लेकिन उसकी किसी ने सुध नहीं ली। पहले केंद्र और फिर प्रदेश में जब भाजपा की सरकार बनी तो देश और प्रदेश के अलावा गोरखपुर में विकास की नींव पड़ी और आज बदलता और चमकता गोरखपुर लोगों के सामने है। 
योगी ने गोरखपुर में चल ही विकास की परियोजनाओं को बारी-बारी से गिनाया और उससे बदलते गोरखपुर की तस्वीर से लोगों को रूबरू कराया। संबोधन से पहले मुख्यमंत्री ने 923.86 लाख रूपये की 112 परियोजनाओं का शिलान्यास किया और संबोधन के बाद उन्होंने दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों के वितरण के साथ विभिन्न पेंशन योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को कंबल के साथ प्रमाण पत्र भी दिया। स्वागत भाषण गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह और आभार ज्ञापन नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर विधायक फतेह बहादुर सिंह, शीतल पांडेय, महेंद्र पाल सिंह, संत प्रसाद व विमलेश पासवान, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल, प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिन्हा, हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश महामंत्री ई. पीके मल्ल आदि मौजूद रहे। 
मोटराइज्ड ट्राइ साइकिल पा चहके दिव्यांग अब तक दिव्यांगों को मानव चालित ट्राइ साइकिल का वितरण ही होता रहा है। पहली बार जब पात्र दिव्यांगों को समारोहपूर्वक मोटराइज्ड ट्राइ साइकिल मिली तो उनके चेहरे खिल उठे और वह चहकते दिखे। जब वह ट्राइ साइकिल पर सवार हुए तो वह भाव-विभोर हुए और सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया और कहा कि उनके हौसले को पंख मिल गए हैं। 
दिव्यांगों को मिला यह तोहफासामान/संख्या
मोटराइज्ड ट्राइ साइकिल : 140 
ट्राइ साइकिल : 300 
व्हील चेयर : 200 
बैशाखी : 400 
ब्लाइंड छड़ी : 50 
कान की मशीन : 400 
कृत्रिम अंग : 500 
इतने लोगों को मिला पेंशन प्रमाण पत्र
वृद्धावस्था पेंशन : 19330 
विधवा पेंशन योजना : 1069 
शादी अनुदान : 1457

Sources :- jagran.com

Related posts

Leave a Reply

You cannot copy content of this page
× समाचार भेजें