पंचायतों में आज लगेगी कर्ज माफी के किसानों की सूची, आधार कार्ड से लिंक खाता तो ही होगा लोन माफ

प्रदेश सरकार की फसल लोन माफी योजना में शामिल किसानों की सूची बुधवार से ग्राम पंचायतों में चस्पा होना शुरू हो…

प्रदेश सरकार की फसल लोन माफी योजना में शामिल किसानों की सूची बुधवार से ग्राम पंचायतों में चस्पा होना शुरू हो जाएगी। अगर लोन लेने वाले किसी किसान का नाम इस सूची में शामिल होने से वंचित हो अथवा लोन माफी की राशि को लेकर कोई त्रुटि हो तो वे 25 जनवरी तक दावे-आपत्ति कर सकते हैं। 

यह जानकारी मंगलवार दोपहर सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसआर खरे ने सहकारी सोसायटियों, राष्ट्रीयकृत बैंक के अधिकारियों को दी है। बैठक में विधायक दिलीपसिंह गुर्जर भी उपस्थित थे। सोसायटियों और बैंकों के अधिकारियों को एसडीएम आरपी वर्मा ने स्पष्ट किया है कि लोन उन्हीं किसानों का माफ होगा, जिनका आधार कार्ड बैंक खातों से लिंक होगा। 26 जनवरी को प्रत्येक पंचायत की ग्रामसभा में योजना में किन किसानों का कर्ज माफ हुआ है, इसकी घोषणा भी की जाएगी। इसके बाद भी कोई किसान रह जाएगा तो वह 5 फरवरी तक निर्धारित प्रारूप में ग्राम पंचायतों में आवेदन कर योजना का लाभ ले सकेगा। शहरी क्षेत्र के किसान नगरीय निकाय में आवेदन जमा कर सकेंगे। बैठक में सहकारिता विभाग के उपपंजीयक एके गुप्ता, तहसीलदार सुनील करवरे भी मौजूद थे। 

हरे रंग की सूची में नाम मतलब आधार से लिंक है खाता 

बैठक में अधिकारियों को यह भी बताया कि वे शत-प्रतिशत किसानों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए किसानों को लोन माफी की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दें। पंचायतों में बुधवार से चस्पा की जा रही सूची दो रंगों में होगी। हरे रंग की सूची में जिन किसानों के नाम होंगे, इसका मतलब उनका बैंक खाता आधार से लिंक है। सफेद रंगे की सूची में अगर किसी किसान का नाम है तो उसे लोन माफी के लिए आधार कार्ड लिंक कराना होगा। लोन माफी का लाभ लेने के लिए किसानों को जिस रंग की सूची में उसका नाम है, उसी रंग के आवेदन प्रारूप में जानकारी भरकर जमा करना होगी। 

38 सोसायटियों में 25 हजार किसान कर्जदार 

नागदा-खाचरौद तहसील में 38 सहकारी सोसायटी है। इनमें लगभग 30 हजार किसान हैं, जिसमें 25 हजार किसानों ने फसल लोन लिया है। 

इन किसानों को नहीं मिल सकेगा लाभ 

जो किसान आयकर दाता, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल), जीएसटी में पंजीकृत, राजनीतिक पदों पर वर्तमान और पूर्व, 15 हजार या इससे अधिक पेंशन पाने वाले।

Sources :- bhaskar.com

Related Articles

Leave a Reply

Stay Connected

371FansLike
49FollowersFollow
360FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles